देहरादून में कांग्रेस का लोकभवन कूच, पुलिस से तीखी झड़प; 300 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया
प्रदेश की बिगड़ती कानून-व्यवस्था, बढ़ते महिला अपराध, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, महंगाई और जंगली जानवरों के हमलों के खिलाफ आज देहरादून की सड़कों पर कांग्रेस का उग्र तेवर देखने को मिला।
परेड ग्राउंड में हजारों कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटी और लोकभवन कूच किया गया। हाथीबड़कला में पुलिस की भारी बैरिकेडिंग के बावजूद कार्यकर्ताओं ने आगे बढ़ने का प्रयास किया।
जिससे पुलिस व कांग्रेसियों के बीच तीखी धक्का-मुक्की और नोकझोंक हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने 300 से अधिक कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया, जिन्हें बाद में पुलिस लाइन ले जाकर रिहा कर दिया गया।
लोकभवन की ओर बढ़ रहे कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को हाथीबड़कला में रोका गया। इस दौरान कई कार्यकर्ता बैरिकेडिंग पार करने का प्रयास करते दिखे। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बल प्रयोग किया, जिससे माहौल कुछ देर के लिए तनावपूर्ण हो गया।
कई कार्यकर्ता सड़क पर ही धरने पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बैरिकेडिंग फांदने के चक्कर में कई कार्यकर्ता गिरकर चोटिल भी हो गए।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष गणेश गोदियाल व प्रदेश चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने इस कार्यक्रम को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि प्रदेश के कोने-कोने से हजारों कार्यकर्ताओं की भागीदारी ने भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ मजबूत संदेश दिया है।
गणेश गोदियाल ने कहा कि लोकभवन घेराव का आने वाले 2027 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को लाभ मिलेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में कानून का भय समाप्त हो चुका है और दिन-दहाड़े हत्याओं से आमजन दहशत में हैं।
प्रदर्शन में हरक सिंह रावत, ज्योति रौतेला सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि अपराधों पर लगाम नहीं लगी और कानून-व्यवस्था पटरी पर नहीं आई, तो कांग्रेस उग्र आंदोलन करेगी।