Uttarakhand Census 2027: जनगणना के लिए 30 हजार हिस्सों में बांटा जाएगा उत्तराखंड, बनाया गया मास्टरप्लान
प्रदेश में फरवरी, 2027 से शुरू होने वाली देशव्यापी जनगणना से पहले आवासीय गणना की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसके तहत उत्तराखंड को 30 हजार हिस्सों में बांटकर इसकी गणना की जाएगी। एक हिस्से में तकरीबन 800 नागरिक और 150 से 200 तक मकान होंगे।
आवासीय गणना की शुरुआत स्व आवासीय गणना से होगी। स्वगणना का कार्य नौ अप्रैल से 24 अप्रैल तक चलेगा। इसके बाद गणना अधिकारी आकर मकानों की गणना करेंगे। यह कार्य 25 अप्रैल से प्रस्तावित है, यद्यपि, इस तिथि को अंतिम रूप दिया जाना शेष है।
प्रदेश में जनगणना को कवायद जोरों पर है। जनगणना निदेशालय इस दिशा में तेजी से कार्य कर रहा है। अब निदेशालय ने आवासीय गणना के लिए पूरी रुपरेखा तय कर दी है। इसके तहत प्रदेश को 30 हजार हिस्सों में बांटा जाएगा।
यह स्पष्ट किया गया है कि एक हिस्से में अधिकतम 800 नागरिक होंगे। यदि किसी गांव या वार्ड में संख्या 800 से अधिक जाती है तो फिर इसे कुल जनसंख्या के आधे-आधे दो हिस्सों में बांटा जाएगा। इस कार्य के लिए 30 हजार गणना अधिकारियों व चार हजार सुपरवाइजर की तैनाती की जाएगी।
निगम क्षेत्र में नगर आयुक्त व जिलों में जिलाधिकारी मुख्य जनगणना अधिकारी होंगे। गणना अधिकारी व सुपरवाइजर का प्रशिक्षण का कार्य 19 अप्रैल से होगा। पहले चरण में चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ के कार्मिकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। सभी कार्मिकों को 20 दिन का प्रशिक्षण दिया जाएगा यह प्रशिक्षण कार्य सात अप्रैल तक पूरा हो जाएगा।